सामाजिक परिवर्तन (समाजशास्त्र रीडर v)/ (Record no. 38967)
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| 000 -LEADER | |
|---|---|
| fixed length control field | 04488nam a22002177a 4500 |
| 020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER | |
| ISBN | 9788131611784 |
| 082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER | |
| Classification number | 303.4 |
| Item number | SAM- |
| 245 ## - TITLE STATEMENT | |
| Title | सामाजिक परिवर्तन (समाजशास्त्र रीडर v)/ |
| Statement of responsibility, etc | नरेश भार्गव; वेददान सुधीर; अरुण चतुवेर्दी; संजय लोढ़ा |
| 246 ## - VARYING FORM OF TITLE | |
| Title proper/short title | Samajik Parivartan |
| 260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT) | |
| Place of publication | जयपुर : |
| Name of publisher | रावत प्रकाशन, |
| Year of publication | 2021. |
| 300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION | |
| Number of Pages | xix, 289p. |
| Other physical details | Include Reference. |
| 520 ## - SUMMARY, ETC. | |
| Summary, etc | व्यक्ति समाज का रचयिता है। व्यक्तियों के पारस्परिक सम्बन्धों से जो संरचना बनी है, वही समाज है। सामाजिक सम्बन्धों के इसी ताने-बाने से व्यक्ति और रचित समाज के बीच सम्बन्धों के स्वरूप स्थापित होते हैं। इसलिए व्यक्तियों के समाज के साथ कई संदर्भ हैं। समाज और व्यक्ति के सम्भावित रिश्ते को जानने की जिज्ञासा भी रहती है। इसी तरह किसी भी समाज में सामाजिक व्यवस्था प्रभावित होती रहती है। कई कारक, मान्यताएँ, परिस्थितियाँ और व्यवहार समाज में विचलन और गतिरोध उत्पन्न करते हैं। जो धीरे-धीरे सामाजिक समस्याओं का रूप ले लेते हैं। इन सामाजिक समस्याओं से मानवीय सामाजिक जीवन प्रभावित होता है और सामाजिक विघटन की भी सम्भावना बनती है। अतः समाज को बनाए रखने और उसे समृद्ध बनाने के लिए गहराई से इन समस्याओं को समझने की आवश्यकता है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सामाजिक परिवर्तनों में आंदोलनों की महती भूमिका होती है। आन्दोलन समाजशास्त्र में सामूहिक व्यवहार के प्रतीक हैं। सामूहिक व्यवहार के यों तो कई स्वरूप हैं, पर आन्दोलन एक विशिष्ट प्रकार के व्यवहार का समूह है। समाज को बदलने और न बदलने की आकांक्षाएँ इसके साथ जुड़ी हुई हैं। दोनों ही सूरत जन अथवा वर्गीय आक्रोश को आन्दोलन के रूप में प्रकट करती हैं। सामाजिक आन्दोलन के अपने स्वरूप और प्रभाव हैं। तीन खंड में विभक्त यह संकलन भारतीय सन्दर्भों में इन्हीं सब बातों को रेखांकित करता है, जो विद्यार्थियों और पाठकों की समझ को तार्किकता प्रदान करेंगी। |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical Term | परिवर्तन, सामाजिक |
| Form subdivision | सामाजिक इतिहास |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical Term | सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical Term | संस्कृति प्रसार |
| 700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME | |
| Personal name | भार्गव, नरेश |
| Relator term | संपादक |
| 700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME | |
| Personal name | वेददान सुधीर |
| Relator term | संपादक |
| 700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME | |
| Personal name | अरुण चतुवेर्दी |
| Relator term | संपादक |
| 700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME | |
| Personal name | संजय लोढ़ा |
| Relator term | संपादक |
| 942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA) | |
| Source of classification or shelving scheme | Dewey Decimal Classification |
| Koha item type | Books |
| Withdrawn status | Lost status | Damaged status | Not for loan | Collection code | Home library | Current library | Date acquired | Source of acquisition | Cost, normal purchase price | Bill Date | Full call number | Accession Number | Cost, replacement price | Price effective from | Koha item type |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| हिंदी पुस्तकों पर विशेष संग्रह | NASSDOC Library | NASSDOC Library | 21/03/2024 | Rajasthani Granthagar | 718.39 | 19-03-24 | 303.4 SAM- | 54147 | 995.00 | 21/03/2024 | Books |
