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तीन तलाक : आस्था की छानबीन

By: Publication details: नई दिल्ली ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस 2018Description: xv,204pISBN:
  • 9780199489534
Other title:
  • Teen Talak
Subject(s): DDC classification:
  • 346.540166 KHU-T
Summary: तीन तलाक़ या तलाक़-ए-बिदत मुस्लिम समाज में एक बहस का विषय बना हुआ है। मुस्लिम समाज में तीन तलाक़ का रिवाज क़ायम है। कई बार पति, अपनी पत्नी को तीन बार तलाक़ बोलकर इस रिवाज का दुरुपयोग करते हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट ने सायरा बानो बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया के एक महत्वपूर्ण मुक़दमे में अपना फैसला सुनाया। जिसमे तीन तलाक़ को असंवैधानिक और इस प्रथा को ख़त्म करने की बात कही। सलमान ख़ुर्शीद तीन तलाक़ के मुक़दमे का हिस्सा थे। उन्होंने ‘तीन तलाक़ : आस्था की खोजबीन’ किताब के जरिए इस मसले के विविध आयामों को समझने और समझाने की कोशिश की है। किताब में तीन तलाक़ पर आए अदालतों के पुराने निर्णयों का विश्लेषण किया गया है। लेखक ने क़ुरान, हदीस और अन्य इस्लामिक ग्रंथों के संदर्भों के जरिए भी तीन तलाक़ का विश्लेषण किया है। तीन तलाक़ के धार्मिक और न्यायिक पक्षों को समझने के लिए यह एक हैंडबुक है जिसे सहज और सरल भाषा में आम पाठकों के लिए लिखा गया है।
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Books NASSDOC Library 346.540166 KHU-T (Browse shelf(Opens below)) Available 51232

तीन तलाक़ या तलाक़-ए-बिदत मुस्लिम समाज में एक बहस का विषय बना हुआ है। मुस्लिम समाज में तीन तलाक़ का रिवाज क़ायम है। कई बार पति, अपनी पत्नी को तीन बार तलाक़ बोलकर इस रिवाज का दुरुपयोग करते हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट ने सायरा बानो बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया के एक महत्वपूर्ण मुक़दमे में अपना फैसला सुनाया। जिसमे तीन तलाक़ को असंवैधानिक और इस प्रथा को ख़त्म करने की बात कही। सलमान ख़ुर्शीद तीन तलाक़ के मुक़दमे का हिस्सा थे। उन्होंने ‘तीन तलाक़ : आस्था की खोजबीन’ किताब के जरिए इस मसले के विविध आयामों को समझने और समझाने की कोशिश की है। किताब में तीन तलाक़ पर आए अदालतों के पुराने निर्णयों का विश्लेषण किया गया है। लेखक ने क़ुरान, हदीस और अन्य इस्लामिक ग्रंथों के संदर्भों के जरिए भी तीन तलाक़ का विश्लेषण किया है। तीन तलाक़ के धार्मिक और न्यायिक पक्षों को समझने के लिए यह एक हैंडबुक है जिसे सहज और सरल भाषा में आम पाठकों के लिए लिखा गया है।

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