समाजशास्त्र: एक परिचय/ जे.पी.सिंह
Publication details: जयपुर : रावत प्रकाशन, 2020.Description: x, 308p. Include FootnoteISBN:- 9788131611043
- Samajshastra: Ek Parichay
- 301 SIN-S
| Cover image | Item type | Current library | Home library | Collection | Shelving location | Call number | Materials specified | Vol info | URL | Copy number | Status | Notes | Date due | Barcode | Item holds | Item hold queue priority | Course reserves | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
Books
|
NASSDOC Library | हिंदी पुस्तकों पर विशेष संग्रह | 300 SIN-S (Browse shelf(Opens below)) | Available | 54144 |
Browsing NASSDOC Library shelves,Collection: हिंदी पुस्तकों पर विशेष संग्रह Close shelf browser (Hides shelf browser)
|
|
|
|
|
|
|
||
| 294.6092 RAT-H हिन्द की चादर : श्री गुरु तेग बहादुर जी | 297 SIN-P पालने से कब्र तक: ग्रामीण परिदृश्य में कृषि मजदूरों की दशा | 300 NAG-S समाजशास्त्र परिचय/ | 300 SIN-S समाजशास्त्र: | 300.072 GOE-R Research Methods And Statistical Applications ( In Social & Behavioural Science) सामाजिक एवं व्यावहारिक विज्ञानों में शोध विधियां एवं सांख्यिकीय अनुप्रयोग | 300.1 SAM- समाजशास्त्रीय विचारक: | 300.72 SIN-S सामाजिक अनुसंधान की बिधियाँ/ |
विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातक स्तर के पाठयक्रमों के साथ-साथ प्रतियोगिता परीक्षा के अभ्यर्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इसकी रचना एक स्तरीय पाठ्य-पुस्तक के रूप में की गयी है। जो लोग समाजशास्त्र पहली बार अध्ययन कर रहे हैं, उनके लिए भी यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी होगी। अँगरेजी भाषा में लिखी गयी नवीनतम उच्च स्तरीय पुस्तकों को आधार मानकर विभिन्न प्रकार के समाजशास्त्रीय विचारां को एक जगह इकट्टठा कर एक मौलिक ढंग से विश्लेषण देने का प्रयास किया गया है।
इस पुस्तक में नवीनतम तथ्यों को सिलसिलेवार ढंग से रखने का भरपूर प्रयास किया गया है। एक ही विषय पर भिन्न-भिन्न लेखकों के भिन्न-भिन्न दृष्टिकोण होते हैं। वैसे तमाम विचारों को काफी हद तक शामिल करने का प्रयास किया गया है। सम्बद्ध समाजशास्त्रीय अवधारणाओं का प्रामाणिक अनुवाद और उनके के विश्लेषण के साथ-साथ पाश्चात्य विद्वानों के नामों का भी प्रामाणिक उच्चारण इस पुस्तक की अपनी विशिष्टता है। आमतौर पर हिन्दी की पुस्तकों में न तो तकनीकि शब्दों का शुद्ध अनुवाद और न ही लेखकों के नामों का शुद्ध उच्चारण देखने को मिलता है। प्रस्तुत पुस्तक विश्वसनीय समाजशास्त्रीय तथ्यों एवं सूचनाओं का रोचक भण्डार है। इसमें जटिल-से-जटिल तथ्यों को सहजता एवं सुगमता से प्रस्तुत किया गया है।
Hindi
There are no comments on this title.
