Amazon cover image
Image from Amazon.com

पाश्चात्य आलोचक और आलोचना / नामवर सिंह.

By: Publication details: नई दिल्ली: वाणी प्रकाशन, 2022.Description: 288pISBN:
  • 9789355180872
Other title:
  • PASHCHATYA AALOCHAK AUR AALOCHANA
Subject(s): DDC classification:
  • 891.43 NAM-P
Summary: पाश्चात्य आलोचकों और आलोचना सिद्धान्तों पर हिन्दी में स्तरीय पुस्तकें ज़्यादा नहीं हैं। जो पुस्तकें हैं भी, वे पाश्चात्य आलोचना की अवधारणाओं को प्रायः अमूर्त रूप में प्रस्तुत करती हैं। विद्यार्थियों की क्या बिसात है, अच्छे-ख़ासे विद्वान भी उनके निहितार्थों को ठीक से नहीं समझ पाते। ऐसी पुस्तक हिन्दी ही नहीं, अंग्रेज़ी में भी आसानी से नहीं मिलती जो इन अमूर्त अवधारणाओं को उदाहरणों के द्वारा बोधगम्य बनाकर समझा सके। आशा है कि यह पुस्तक इस आवश्यकता की पूर्ति कर पाने में समर्थ हो सकेगी।
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Cover image Item type Current library Home library Collection Shelving location Call number Materials specified Vol info URL Copy number Status Notes Date due Barcode Item holds Item hold queue priority Course reserves
Books NASSDOC Library 891.43 NAM-P (Browse shelf(Opens below)) Available 54663

पाश्चात्य आलोचकों और आलोचना सिद्धान्तों पर हिन्दी में स्तरीय पुस्तकें ज़्यादा नहीं हैं। जो पुस्तकें हैं भी, वे पाश्चात्य आलोचना की अवधारणाओं को प्रायः अमूर्त रूप में प्रस्तुत करती हैं। विद्यार्थियों की क्या बिसात है, अच्छे-ख़ासे विद्वान भी उनके निहितार्थों को ठीक से नहीं समझ पाते। ऐसी पुस्तक हिन्दी ही नहीं, अंग्रेज़ी में भी आसानी से नहीं मिलती जो इन अमूर्त अवधारणाओं को उदाहरणों के द्वारा बोधगम्य बनाकर समझा सके। आशा है कि यह पुस्तक इस आवश्यकता की पूर्ति कर पाने में समर्थ हो सकेगी।

Hindi

There are no comments on this title.

to post a comment.