वह भारत जो हमारा सपना है अलोक श्रीवास्तव
Language: HIN Publication details: दिल्ली, संवाद प्रकाशन: 2019.Edition: प्रथम सस्करणDescription: 389pISBN:- 9789388707909
- Vah bharat jo hamara sapna hai
- 480.45 SRI-V
| Cover image | Item type | Current library | Home library | Collection | Shelving location | Call number | Materials specified | Vol info | URL | Copy number | Status | Notes | Date due | Barcode | Item holds | Item hold queue priority | Course reserves | |
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Books
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NASSDOC Library | हिंदी पुस्तकों पर विशेष संग्रह | 480.45 SRI-V (Browse shelf(Opens below)) | Available | 54901 |
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| 413.0954 KUM-I; V 1 भारतीय कोश | 413.0954 KUM-I; V 2 भारतीय कोश | 418.02 SIN-A अनुवाद की व्यापक संकल्पना/ | 480.45 SRI-V वह भारत जो हमारा सपना है | 491.4 SIN-B भाषा का संसार / | 491.43 RAJ-H Hindi kariyashala: Swaroop aur pravidhi | 491.4303 GAU-R राजभासा दिग्दर्शन/ |
वह भारतजो हमारा सपना है!हम जिस समय के वासी हैं, वह मनुष्य के इतिहासके गुज़रे सारे समयों से बहुत अलग है. परंतु हमारीचेतना पर अतीत एक दबाव बन गया है. भारत अपनेअतीत के बोझ से थका एक ऐसे वर्तमान की राह परखड़ा है, जहां उसे भविष्य का एक निश्चित मार्गचुनना होगा, अन्यथा बहुत कुछ मूल्यवान खो जाएगा.भारत जिस सांस्कृतिक संकट के सामने खड़ाहै, उससे मुक्ति का एकमात्र मार्ग है – अपनेविगत का सम्यक मूल्यांकन और मानव-मुक्तिकी वैश्विक सांस्कृतिक परंपराओं से रचनात्मकजुड़ाव. यही वह बात है, जिससे एक नयाभारत बन सकेगा और एक नए विश्व केनिर्माण की प्रक्रिया में शामिल हो सकेगा.व्यक्ति, समाज और देश केआत्मिक विकास के अवरोधऔर उसकी संभावनाएं
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