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माटी पानी में सनी बौद्विकता हिंदी क्षेत्र के देशज संस्रोतों की तलाश badrinarayan archna singh

Contributor(s): Publication details: नई दिल्ली लोकभारती पेपरबैक्स 2021:Edition: प्रथम संस्करणDescription: 160pISBN:
  • 9789390625901
Other title:
  • Mati pani mein sani baudhikta
Uniform titles:
  • HNI
Subject(s): DDC classification:
  • 891.438 MAT-B
Summary: प्रत्येक समाज अपने विकास के क्रम में ज्ञान के अपने संस्स्रोत विकसित करता है, जो समझने की अन्तः दृष्टि देते हैं। किन्तु भारतीय समाज को समझने की जो दृष्टियाँ हैं उनमें औपनिवेशिकता एवं पश्चिमी ज्ञान संदर्भों की भरमार है। हमें अपने समाज को समझने के लिए देशज चिन्तन दृष्टि की आवश्यकता है। यह पुस्तक समाज विज्ञान के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण देशज चिन्तन दृष्टियों को मुख्य विमर्श का हिस्सा बनाने का एक छोटा सा प्रयास है जो कि अभी तक साहित्य, लोक या गल्प के नाम पर हाशिए पर रही हैं।
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Books NASSDOC Library हिंदी पुस्तकों पर विशेष संग्रह 891.438 MAT-B (Browse shelf(Opens below)) Available 54908

प्रत्येक समाज अपने विकास के क्रम में ज्ञान के अपने संस्स्रोत
विकसित करता है, जो समझने की अन्तः दृष्टि देते हैं। किन्तु भारतीय
समाज को समझने की जो दृष्टियाँ हैं उनमें औपनिवेशिकता एवं
पश्चिमी ज्ञान संदर्भों की भरमार है। हमें अपने समाज को समझने के
लिए देशज चिन्तन दृष्टि की आवश्यकता है। यह पुस्तक समाज
विज्ञान के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण देशज चिन्तन दृष्टियों को मुख्य
विमर्श का हिस्सा बनाने का एक छोटा सा प्रयास है जो कि अभी तक
साहित्य, लोक या गल्प के नाम पर हाशिए पर रही हैं।

HINDI

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