कालिया ,ममता

भविष्य का स्त्री विमर्श/ Bhawishya ka Stri Vimarsh/ Mamta Kalia ममता कालिया - 2nd. - नई दिल्ली: वाणी प्रकाशन , 2017. - 108p.

"भविष्य का स्त्री विमर्श" मे स्त्रियों की अस्मिता पर उठते सावालों का कटाक्ष पूर्ण जवाब, स्त्रियों को सलाह कि वे अपने दर्द को बेचकर खुद को कमजोर साबित न करे,लेखिका का उनसे आग्रह है की अपनी पीड़ा को पेशा न बनाए, किताब की शैली पाठकों को आकर्षित करने का माद्दा रखती हैं।

9789350729656


Feminism
Women in literature

891.43 / KAL-B