नागार्जुन | Nagarjun

विद्यापति की कहानियाँ : महाकवि विद्यापति की तेरहनीतिपूर्णु कथाएँ / Vidyapati ki kahaniyam by Nagarjun नागार्जुन - New Delhi: Vani Prakashan, 2011. - 91p.

कविता, निबंध, कहानी आदि की भाँति कुछ ऐसी पुस्तकें भी है जो कभी छपी और आज जाने कहाँ दबी पड़ी हैं। ‘नागार्जुन साहित्य’ की सूची में उनका उल्लेख तक नही है। प्रस्तुत पुस्तक भी उनमें से एक है। इसका प्रथम संस्करण 1964 में हुआ और द्वितीय 1966 में। परंतु समुचित प्रचार-प्रसार न होने से यह पुस्तक पाठकों के लिए अब तक ‘दुर्लभ पुस्तकों’ में से एक है। विद्यापति की कहानियों का छाया-रूपांतर उन्हीं दिनों किया गया, जिन दिनों ‘विद्यापति के गीत’ गद्य रूपांतर हुआ,अर्थात 1963 में।


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9789350008683


विद्यापति – कृतियाँ--मैथिली साहित्य--कहानियाँ
विद्यापति – साहित्य में योगदान--मध्यकालीन भारतीय काव्य--अध्ययन और आलोचना
भारतीय साहित्य – मध्यकालीन युग--ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य--नीति कथाएँ
मैथिली साहित्य – कथा साहित्य--सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य--लोककथाएँ और पारंपरिक गाथाएँ
हिंदी साहित्य – नागार्जुन का लेखन--साहित्यिक अध्ययन--रूपांतर और व्याख्या

891.4412 / NAG-V