भाषा की भीतरी परतें : (भाषाचिन्तक प्रो. दिलीप सिंह अभिनन्दन ग्रन्थ) / द्वारा सम्पादित ऋषभ देव शर्मा; एम वेंकटश्वर; राधेश्याम शुक्ल; गुर्रमकोंडा नीरजा
Language: hin- Publication details: नई दिल्ली: वाणी प्रकाशन, 2012.Description: 464pISBN:- 9789350722442
- Bhasha Ki Bhikhari Partein edited by Rishabh Dev Sharma
- भाषा विज्ञान -- अध्ययन और आलोचना -- भाषाई संरचना और विकास
- हिंदी भाषा – व्याकरण और संरचना -- विश्लेषणात्मक अध्ययन -- भाषायी विविधता और शैली
- भारतीय भाषाएँ – तुलनात्मक अध्ययन -- भाषा चिंतन -- व्याकरण और संरचनात्मक विश्लेषण
- भाषाविज्ञान – प्रो. दिलीप सिंह का योगदान -- अभिनंदन ग्रंथ -- भाषा विज्ञान में आधुनिक दृष्टिकोण
- समाज और भाषा -- भाषा और संस्कृति -- भाषाई समाजशास्त्र
- 410 BHA-
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Books
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NASSDOC Library | 410 BHA- (Browse shelf(Opens below)) | Available | 54672 |
प्रो. दिलीप सिंह की सुविचारित कृतियों के रूप में व्यावसायिक हिन्दी, भाषा का संसार, हिन्दी भाषा चिन्तन, पाठ विश्लेषण, भाषा, साहित्य और संस्कृति शिक्षण, अन्य भाषा शिक्षण का बृहत् सन्दर्भ, अनुवाद की व्यापक संकल्पना जैसी उनकी विविध कृतियाँ सैद्धान्तिक भाषाविज्ञान से आगे बढ़कर अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान को हिन्दी में व्यवहारतः सम्भव कर दिखाने वाली कृतियाँ रही हैं। प्रस्तुत पुस्तक में साहित्यकारों, छात्रों, साथियों के सहारे सच्चे संस्मरण इस किताब में उभरे हैं। जो भाषा की गति को कही भी मंद नहीं पड़ने देते है।
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