000 04156nam a2200253 4500
999 _c37639
_d37639
020 _a9788181437679
041 _ahin
082 _a346.54048
_bKUL-B
100 _aकुलेट, फिलिप [Kulet, Philip]
_eलेखक [author]
245 _aबौद्धिक सम्पदा संरक्षण और टिकाऊ विकास /
_cफिलिप कुलेट
246 _aBaudhik Sampada Sanrakshan aur Tikau Vikas
260 _aनई दिल्ली :
_bवाणी प्रकाशन,
_c2008.
300 _a251p.
500 _aहिन्दी संस्करण : राजेन्द्र रवि आलेख : अभय कुमार दुबे
504 _aIncludews bibliographical references and index.
520 _aसामाजिक कार्यकर्ताओं, जनोन्मुख बुद्धिजीवियों और समतामूलक समाज की रचना में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी इस पुस्तक में बौद्धिक सम्पदा संरक्षण और टिकाऊ विकास की अवधारणा के भूमंडलीय कानूनी पहलुओं पर रोशनी डाली गई है। बौद्धिक सम्पदा संरक्षण एक ऐसा विषय है जिस पर साहित्य का लगभग अभाव ही है, बावजूद इसके कि यह प्रश्न हमारे रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करने की स्थिति में आ चुका है। भूमंडलीकरण की दौड़ में पूरी तरह शामिल भारत ही नहीं अन्य विकासशील देशों की सरकारों ने भी महसूस कर लिया है कि बौद्धिक सम्पदा अधिकार अंगीकार करने के बावजूद उन्हें कुछ विशेष उपाय अपनाने होंगे ताकि उनके जैसे नव-स्वाधीन देशों के हितों की रक्षा की जा सके विकासशील देशों का हित इसी में है कि वे टिकाऊ विकास की अवधारणा की रोशनी में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों को देखें। ट्रिप्स समझौते के कारण हुए बौद्धिक अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीयकरण की तेज प्रक्रिया ने भी विकासशील देशों को इन अधिकारों के प्रति जागरूक किया है। ट्रिप्स द्वारा आरोपित न्यूनतम मानकों के कारण अलग-अलग जरूरतों का सवाल सामने आ गया है। इसके कारण बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से संबंधित विमर्श में एक नया आयाम पैदा हो गया है जिसके विश्लेषण की जरूरत से कोई इनकार नहीं कर सकता ।
546 _aHindi.
650 _aपेटेंट (अंतर्राष्ट्रीय कानून).
650 _aसतत विकास
_zकानून और विधायिका.
650 _aपौधों की किस्में
_zपेटेंट.
650 _aपौधे, संवर्धित
_zपेटेंट.
650 _aपौधों की किस्में.
942 _2ddc
_cBK