000 02987nam a22002417a 4500
999 _c38381
_d38381
020 _a9788126712946
041 _ahin-
082 _a572.954
_bELW-H
100 1 _aएलविन, वेरियर
_eलेखक.
_eauthor.
245 1 0 _aहत्या और आत्महत्या के बीच मारिया /
_cवेरियर एलविन
250 _a3rd. ed.
260 _aदिल्ली :
_bराजकमल प्रकाशन,
_c2020.
300 _a272p.
504 _aIncludes bibliographical references and index.
520 _aइस किताब का आधारभूत उद्देश्य हिंसा- अपराधों के पीछे छिपे मनोविज्ञान को समझना है जो सबसे कम बिगड़े तथा भारतीय आदिवासियों में श्रेष्ठ प्रजाति के लोगों द्वारा किए जाते हैं, तथा वे परिस्थितियाँ जो यहाँ के आदमी, औरतों को आत्महत्या करने के लिए उकसाती हैं। ऐसी कृति तथा शोध कार्य उन आदिवासियों को, जो जजों तथा मजिस्ट्रेटों द्वारा अपराधी करार दिए जाते हैं, सावधानी तथा बुद्धिमत्तापूर्ण ढंग से समझने तथा उनके साथ सलूक करने के लिए मार्गदर्शन दे सकते हैं। यह कृति निश्चित रूप से दंडित करने तथा आदिवासी कैदियों के साथ जेल में किए जानेवाले व्यवहार पर भी प्रश्न उठाती है। इस किताब के शुरुआती पृष्ठों में मारिया जीवन की विविधता को सारांश में बतलाया गया है। इस संक्षिप्तता में ही उनके अनेक विविध पक्षों को उजागर किया गया है। यह किताब अपराधों के अध्ययन की अपेक्षा सामाजिक नृतत्त्व विज्ञान के लिए एक अमूल्य योगदान है।
546 _aEnglish.
650 _aआत्महत्या.
650 _aहत्या.
650 _aभारत
_xबस्तर (जिला).
650 _aगोंड (भारतीय लोग).
650 _aमारिया (भारतीय लोग).
942 _2ddc
_cBK