000 03602nam a2200229 4500
999 _c38425
_d38425
020 _a8126701072
041 _ahin-
082 _a306.0973
_bSRI-Y
100 _aश्रीनिवास, एम. एन.
_qSrinivas, M. N.
_eलेखक.
_eauthor.
245 _aयादों से रचा गाँव /
_cएम. एन. श्रीनिवास
246 _aYaadon se Racha Gaon
260 _aदिल्ली :
_bराजकमल प्रकाशन,
_c2004.
300 _a206p.
504 _aIncludes bibliographical references and index.
520 _aयादों से रचा गाँव अतीत के दुर्घटनाग्रस्त ब्यौरों को सामने लाने के रचनात्मक संकल्प का परिणाम है। एक हादसे में सारे कागजात जलकर राख हो जाने के बाद एम.एन. श्रीनिवास ने इस पुस्तक में पूरी तरह अपनी यादों के सहारे अपने क्षेत्रकार्य के अनुभवों की पुनर्रचना की है। प्रस्तुत पुस्तक में यूँ तो दक्षिण भारत के एक बहुजातीय ग्राम का नृतत्त्वशास्त्रीय अध्ययन दिया गया है, लेकिन एक बदलते ग्राम का प्रौद्योगिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और अंतर्जातीय संबंधों का जिस प्रकार विवेचन किया गया है वह पूरे भारत के गाँवों की स्थिति को दर्शाता है। यादों से रचा गाँव में स्त्री-पुरुष संबंधों, धर्म, परिवार, और कृषि से संबंधित मामलों का भी व्यापक विश्लेषण है । वस्तुतः प्रस्तुत पुस्तक एक ऐसी कृति है जिसे मूल आँकड़ों के समुद्र में गोता लगाकर गाँव की अपनी शब्दावली में रचा गया है। श्रीनिवास ने इस पुस्तक में बहुजातीय भारतीय समुदाय के क्षेत्र - अध्ययन का जिस ढंग से वैज्ञानिक विश्लेषण किया है वह न केवल मानवशास्त्रियों, बल्कि दूसरे सामान्य पाठकों के लिए भी उपयोगी है। इस कृति का प्रमुख आकर्षण इसकी रचनात्मक शैली है।
546 _aHindi.
650 _aग्रामीण समुदाय
_zभारत
_xसामाजिक पहलू.
650 _aस्मृति
_xमनोवैज्ञानिक पहलू.
650 _aसामाजिक पुनर्निर्माण.
650 _aदक्षिण भारत
_zग्रामीण क्षेत्र.
942 _2ddc
_cBK