| 000 | 02851nam a22002057a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20260324120003.0 | ||
| 020 | _a9788170546207 | ||
| 041 | _aHIN | ||
| 082 |
_a305.800 _bRAA- V |
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| 100 |
_aराय ,अजय कुमार _eलेखक _qajay kumar raay |
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| 245 |
_aवन एब आदिवासी : सम्बन्ध एब परिवर्तन _b सम्बन्ध एब परिवर्तन _cअजय कुमार राय |
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| 246 | _aVan aur Janjatiya: Sambandh aur Parivartan | ||
| 250 | _aप्रथम संस्करण. | ||
| 260 |
_aदिल्ली: _bक्लासिकल पब्लिशिंग कंपनी, _c2017. |
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| 300 | _a292p.; | ||
| 520 | _aप्रस्तुत पुस्तक में आदिवासियों एवं वनों के मध्य संबंधों एवं परिवर्तनों का अध्ययन प्रादेशिक विश्लेषण पर आधारित है। • आदिवासियों एवं वनों में क्या रिश्ते थे तथा ऐतिहासिक काल से वर्तमान तक इनमें क्या परिवर्तन आये है इसका सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया है। • वर्तमान जनसंख्या दबाव, आदिवासी क्षेत्रों का बदलता पारिस्थितिक तंत्र एवं प्रभाव, वन आवरण परिवर्तन, गैर-आदिवासी क्षेत्रों की बढ़ती आवश्यकताओं एवं इनके प्रभावों का विश्लेषण । वनों की घटती निर्भरता से आदिवाों के सामाजिक आर्देशन पर पड़ने पाले वो अध्ययन किया गर देलियों पर शासकीय तेर के प्रभावों का मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया है। • आदिवासियों एवं वनों के बदलते रिश्तों के मॉडल एवं भावी दिशा का आँकलन किया गया है। अतः यह पुस्तक आदिवासी एवं वन संरक्षण को मापने का प्रयास रहा है। | ||
| 546 | _aHINDI | ||
| 650 |
_aह्यूमन इकोलॉजी _vकेस स्टडीज _xसोशल कंडीशंस _zइंडिया |
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| 942 |
_2ddc _cBK |
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| 999 |
_c39887 _d39887 |
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